
भोपाल । कृषि मंत्री कमल पटेल ने कमलनाथ पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा- नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह नेता ने सही कहा है कि कमलनाथ 80 साल से ऊपर हो गए हैं, बुढ़ापे में सठिया गए हैं। निश्चित रूप से वह चुनाव हारेंगे। मैं छिंदवाड़ा का प्रभारी मंत्री हूं। हमने वहां जनता को जागरूक किया है कि ठगनाथ ने जनता को ठगा है। कृषि मंत्री ने कमलनाथ के करीबी नेताओं पर नेता प्रतिपक्ष को डराने और धमकाने के आरोप भी लगाए हैं।
कृषि मंत्री पटेल बोले- नाथ ने कहा था कि 10 दिन में 2 लाख तक का कर्जा माफ कर देंगे। राहुल गांधी ने कहा था अगर 10 दिन में कर्जा माफ नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। 10 दिन तो क्या 15 महीने में उन्होंने दो लाख का कर्जा माफ नहीं किया। महिलाओं से कहा था कि सरकारी हो या प्राइवेट बैंक महिलाओं के स्व सहायता समूह का कर्जा माफ कर देंगे। एक रुपया माफ नहीं किया। युवाओं को धोखा दिया बेरोजगारों को 4000 रुपए बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी एक को नहीं दिया।
बुजुर्ग, दिव्यांग सबको कमलनाथ ने ठगा
कमल पटेल ने कहा कमलनाथ और कांग्रेस ने बुजुर्ग, दिव्यांग और निराश्रितों को नहीं छोड़ा। विधवा, माताओं-बहनों को कहा कि हम 1000 पेंशन देंगे लेकिन उनको पेंशन नहीं दी। दैनिक वेतन भोगियों को रेगुलर करने की बात कही, हर वर्ग के साथ छल और धोखा किया। इसलिए जनता ने उपचुनाव में इन्हें धोखा दिया। जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में 22 विधायकों ने इस्तीफा देकर इनकी सरकार गिराई और चुनाव हुए जो लोग पहले दो-दो तीन-तीन हजार से जीते थे वह 65000 के लंबे अंतर से जीते।
स्पष्ट है कि कांग्रेस के खिलाफ जनता है। धोखा देकर आप एक बार जीत सकते हो बार-बार नहीं जीत सकते। अब कांग्रेस का सफाया होगा। कमल पटेल बोले- नेता प्रतिपक्ष ने सही कहा कि कमलनाथ के नेतृत्व में चुनाव कराएंगे तो कमलनाथ तो हारेंगे ही, पूरी कांग्रेस को ले डूबेंगे। क्योंकि कांग्रेस सिर्फ छल के सिवा कुछ नहीं करती। 15 महीने में प्रदेश को बर्बाद कर दिया। सिवाय भ्रष्टाचार के कुछ नहीं किया। कमलनाथ के भांजे के यहां इनकम टैक्स की रेड में करोड़ों रुपए मिले। कमलनाथ के पीए के यहां रेड में करोड़ों रुपए मिले। इससे साबित होता है कि उन्होंने भ्रष्टाचार के अलावा कुछ किया नहीं।
जो गलत करेगा मोदी उसे छोड़ेंगे नहीं
कमल पटेल ने कहा-जो गलत करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मोदी सरकार उसे छोड़ेगी नहीं। मोदीजी कहते हैं ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा। इसलिए 9 साल में वह काम हुए जो 60 साल में नहीं हुए। ये मैं नहीं कह रहा बल्कि जो कांग्रेस के नेता, राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे वह कहते थे कि मैं दिल्ली से एक रुपए भेजता हूं, वह तो गांव में पहुंचते-पहुंचते 15 पैसे रह जाते हैं। सत्ता के दलाल 85 पैसे खा जाते हैं। जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे तब पंच से लेकर प्रधानमंत्री कांग्रेस के थे तो दलाल भी कांग्रेस के हुए।
इसलिए हम कहते हैं कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है और मोदीजी ने टेक्नोलॉजी का उपयोग किया। जनधन खाता खुलवाए। हर आदमी का खाता खुलवा कर सीधे खातों में पैसा जा रहा है। एक पैसा भी कोई नहीं खा सकता। उदाहरण के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी लाड़ली बहना योजना शुरू की। हमने सवा करोड़ बहनों के फॉर्म भरवाए और उनके खाते में शगुन का एक रुपया टेस्ट करने के लिए डाला है कि उनके खातों में जा रहा है या नहीं। इस प्रकार एक पैसा भी कोई नहीं खा सकता।
कांग्रेस के चूहे सब खा जाते थे
जैसे ट्यूबवेल और कुएं में मोटर डालते हैं तो पाइप लाइन डालते हैं। अगर पाइपलाइन में जगह-जगह छेद हों तो पानी खेत में नहीं पहुंच सकता। यही स्थिति कांग्रेस ने आजादी के 50-55 साल राज के दौरान की। जितना भी विकास का पैसा आता था कांग्रेस के चूहे जगह-जगह छेद करके खा गए। इसलिए उनके पेट बड़े हो गए और देश गरीब हो गया। लेकिन मोदीजी ने एक भी छेद नहीं रहने दिया। हर पूरी पाइपलाइन पर सीधा सीमेंटेड लेंटर कर दिया। यह है सत्ता परिवर्तन और व्यवस्था परिवर्तन।
नेता प्रतिपक्ष को डराया जा रहा
कमल पटेल ने कहा-इनको कमलनाथ नहीं कहना चाहिए, इनका नाम ठगनाथ, झूठनाथ है। यह कॉरपोरेटर, उद्योगपति हैं, पैसे वाले हैं। ये प्राइवेट लिमिटेड कंपनी चलाते हैं। ऐसे ही कांग्रेस चला रहे हैं। बेचारे नेता प्रतिपक्ष लोकतंत्र की बात कर रहे हैं कि कांग्रेस में लोकतंत्र है, लेकिन कमलनाथ और उनके जो समर्थक हैं वह कह रहे हैं कोई लोकतंत्र नहीं है, जो कमलनाथ कहें, वही सही। इसलिए नेता प्रतिपक्ष को दबाया और धमकाया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष भिंड का पानी है, चंबल का पानी है। डरने वाला नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि अगर कमलनाथ को घोषित कर दिया और हार गए तोज् और हारना ही है। इससे स्पष्ट है कि नेता प्रतिपक्ष ने संकेत दे दिया है कि कमलनाथ नहीं आएंगे, क्योंकि झूठ बोलकर आप एक बार चुनाव जीत सकते हो दोबारा चुनाव नहीं जीत सकते। इसलिए निश्चित तौर पर कांग्रेस की विश्वसनीयता खत्म हो गई, पिछली बार इन्होंने जितने वचन दिए थे एक भी पूरा नहीं किया।