नई दिल्ली। महिला ट्रांसजेंडरों को मासिक धर्म के दौरान होने वाली चुनौतियों और सुविधाओं को लेकर, सरकार से सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। यूनेस्को की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 31 फ़ीसदी लोगों को यह जानकारी नहीं है,कि ट्रांसजैडरों को भी मासिक धर्म का सामना करना पड़ता है।
ट्रांसजेंडरो में एक बड़ा वर्ग महिला ट्रांसजेंडरों का है। जिन्हें मासिक धर्म होता है। पुरुष और महिला दोनों टॉयलेट से इन्हें बाहर जाने के लिए कहा जाता है। पुरुष शौचालय में मासिक धर्म से संबंधित चीजों को फेंकने की कोई व्यवस्था नहीं होती है। जिसके कारण स्वच्छता को लेकर भी कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
यूनेस्को की रिपोर्ट के अनुसार ट्रांसजेंडर के लिए महिला शौचालय में ट्रांसजेंडरों के लिए अलग से शौचालय होना चाहिए। वहां पर भी वेडिंग मशीन और इनसेनेरेटर की व्यवस्था की जानी चाहिए। कार्य स्थलों और स्कूलों में भी इस तरीके की व्यवस्था की जानी जरूरी है।