समारोह को लेकर जिला और पुलिस प्रशासन भी अपनी व्यवस्थाओं को लेकर अंतिम रूप दे चुका है। जिला प्रशासन ने सभी के अधिकारियों के अवकाश निरस्त करते हुए कार्यक्रम में उनकी तैनाती सुनिश्चित की है। वहीं, पुलिस डिपार्टमेंट से पांच डीएसपी, समेत 250 पुलिस जवान और अफसरों को
सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए मैदान में उतारा है। शहर की बात करें तो यहां आसपास के सभी वीआईपी गेस्ट हाउसों से लेकर सभी बड़े होटल बुक किए गए हैं।
एक्चिविटी के कारण जारी होगा एक दिन का ट्रैफिक प्लान
खासतौर पर शहरवासियों को जानना होगा कि, उनके शहर में मंगलवार को पूरे दिन देश-विदेश के वीआईपी रहेंगे। ऐसे में इनकी सक्रीयता को मद्देनजर रखते हुए कई मार्गों के ट्रैफिक प्लान में बदलाव किया जाएगा। सुरक्षा के मद्देनजर 6 जून को वीआईपी रूट स्टेशन-मेला और विमानतल-मेला रूट पर ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी के लिए 25 सेक्टर में 5 डीएसपी तैनात रहेगे। शादी समारोह में आने वाले ज्यादातर लोग स्टेशन पर वंदे भारत और शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली और भोपाल की तरफ से शहर में आएंगे। विमानतल पर भी कई वीआईपी चार्टड फ्लाइट्स आएंगी। अबतक गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ साथ 100 से अधिक वीआईपी लोगों की लिस्ट बनाई गई है। हालांकि, आयोजन में प्रधानमंत्री मोदी के आने की भी संभावना है। लेकिन, अबतक इसे लेकर कोई नोटिफिकेशन नहीं आया है।
एसपी लगातार कर रहे बैठक कर व्यवस्था जान रहे
ङ्कढ्ढक्क सुरक्षा के साथ साथ ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए रविवार के बाद सोमवार को भी एसपी राजेश सिंह चंदेल, एएसपी ऋषिकेश मीणा सभी अधिकारियों के साथ बैठक ली है। बैठक में ङ्कढ्ढक्क मूवमेंट के रूट स्टेशन-मेला व विमानतल-मेला व सर्किट हाउस को ट्रैफिक व सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 सेक्टर में बांटा गया है। 5-5 सेक्टर की ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी के लिए एक-एक डीएसपी के साथ उनकी टीम को तैनात किया गया है।
आगरा और दिल्ली से बुलाए गए हलवाई, बनेगा शाही खाना
बताया जा रहा है कि, केंद्रीय मंत्री की बेटी की शादी में 45 हजार लोगों का खाना बनाने के लिए हलवाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। हलवाई आगरा-दिल्ली और ग्वालियर के कैटर्स हैं। जैसे आगरा की हलवाई टीम को चाट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्वालियर की हलवाई टीम टीम खाना बनाएगी। ग्वालियर के शिवहरे कैटर्स के संचालक कृष्णा शिवहरे का कहना है कि, चार पंडाल तो सिर्फ खाना बनाने के लिए बनाए गए हैं। इन चारों पंडालों में अलग - अलग तरह के व्यंजन तैयार होंगे। पंडाल कितने बड़े होंगे इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, एक-एक पंडाल में कम से कम 400 लोगों की टीम काम कर रही है। इस तरह 1500 से अधिक कर्मचारी तो सिर्फ खाना बनाने का कार्य ही कर रहे हैं।