नई दिल्ली । मानव अंगों की खरीद-फरोख्त के लिए भी सोशल मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। इस बाबत सफदरजंग अस्पताल के परिसर में स्थित केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) ने हाल ही में सभी राज्यों के स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य सेवा निदेशकों व मेडिकल कॉलेजों को पत्र लिखकर आगाह किया है।
साथ ही इस पत्र के माध्यम से नोटो ने अंगों की खरीद-फरोख्त और इस काम के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल करने वालों की खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की है। ताकि इस गैर कानूनी कार्य के लिए कोई सोशल मीडिया का सहारा न लेने पाए। नोटो के निदेशक डॉ. अनिल कुमार द्वारा जारी इस पत्र में कहा गया है कि कुछ ऐसे वेबसाइट और सोशल मीडिया पोस्ट संगठन के संज्ञान में आए हैं, जिसके माध्यम से अंगों के खरीद-फरोख्त को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह मानव अंग और ऊतक प्रत्यारोपण एक्ट के तहत गैर कानूनी है।
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इस तरह की गतिविधियां दंडनीय अपराध है। इस तरह के मामलों में 20 लाख से एक करोड़ रुपये तक भारी भरकम जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा पांच वर्ष से दस वर्ष तक जेल की सजा का भी प्रविधान है। स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था राज्यों का विषय है। नोटो ने अपने पत्र में एक वेबसाइट का लिंक और कुछ सोशल मीडिया पोस्ट भी शेयर किए हैं और मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई करने के लिए कहा है।
