- भगवान कहे जाने वाले बने हैवान, पथरी के ऑपरेशन के बहाने निकाल ली किडनी
byBejod Ratna-
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3 डॉक्टरों समेत 4 पर रिपोर्ट दर्ज, जांच के बाद होगी कार्रवाई
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में जनकपुरी में 3 डॉक्टरों समेत 4 लोगों पर एक व्यक्ति ने किडनी निकालने का आरोप लगाया है। इस प्रकरण में थाने में सुनवाई नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर मंगलवार की देर रात थाना इज्जतनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
इज्जतनगर के गांव सैदपुर हॉकिन्स निवासी सखावत हुसैन ने बताया कि वर्ष 2013 में उसके पेट में दर्द हुआ। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के गांव बंजरिया निवासी उसके रिश्तेदार नूर अहमद को बताई। नूर अहमद ने अपनी पहचान के डॉ. पवन कुमार को दिखाया। अल्ट्रासाउंड कराने के बाद डॉ. पवन ने दाहिनी किडनी में पथरी बताई। सखावत ने बताया कि 6 जनवरी 2013 को डॉ. पवन उनके दो सहयोगी डॉक्टरों ने आपरेशन किया। कुछ दिन बाद दोबारा दर्द होने पर 17 अक्टूबर 2020 को उसने एक अल्ट्रासाउंड सेंटर पर अल्ट्रासाउंड कराया, तब पता चला कि उसकी दाहिनी किडनी नहीं है। जनवरी 2021 में दोबारा अल्ट्रासाउंड कराया तो वहां भी डॉक्टरों ने बताया कि दाहिनी किडनी नहीं है।
पीड़ित ने बताया कि इसकी जानकारी उसने नूर अहमद को दी, तब उसने डॉक्टर से बात करने को कहा। सखावत ने बताया कि 10 फरवरी 2022 को अपने चार परिचितों के साथ अस्पताल गया। वहां रिकार्ड मांगने पर डॉ. पवन ने देने से मना कर दिया। आरोप है कि अगले दिन डॉक्टर ने वर्ष 2016 के रिकार्ड खत्म होने की सूचना प्रकाशित करा दी।
आरोप कि डॉ. पवन, उनके दो सहयोगियों और नूर अहमद ने सुनियोजित तरीके से साजिश करके उसकी किडनी निकलवा ली। पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर डॉ. पवन व दो अन्य डॉक्टर और नूर अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
सुशील अस्पताल के संचालक डा. सुशील से जब इस मामले को लेकर बात की गई तो उन्होंने बताया कि हमारे अस्पताल में डा. पवन नाम का कोई व्यक्ति नहीं है, न ही कभी पहले थे। यह प्राथमिकी झूठी पंजीकृत कराई गई है। वहीं इस मामले में अरुण श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर इज्जतनगर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी लिखी गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। विवेचना में जो भी तथ्य निकलकर आएंगे। उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।